तारे उतर आएंगे
रौनक एक बहुत ही अच्छा लड़का था रोनक से उसके माता-पिता बहुत प्यार करते थे रौनक बहुत शर्मीला था इसलिए रौनक के ज्यादा दोस्त नहीं बने काफी टाइम अकेला ही रहता था। किताबें पढ़ते हुई चित्र बनाते हुए अपने आप से खेलते हुए रौनक को रात में छत के ऊपर सो कर तारे गिनने का बहुत ही शौक था वह तारों को ही अपना दोस्त मानता था एक दिन अचानक तारे ने उससे बात की रौनक बहुत ही हैरान हो गया उस तारे ने कहा कि मेरे साथ आओगे मैं तुम्हें सारा आकाश घुमाऊंगा यह सुनकर रौनक खुशी से झूम उठा और फिर तारे ने हाथ पकड़ कर रौनक को अपने साथ आसमान में ले गया रौनक बहुत खुश हुआ तारों के साथ उसने पकड़म पकड़ाई खेली चांद के साथ उसने लुक्का चुप्पी खेली और ऐसी कई रातों के बाद एक रात को तारा अचानक गायब हो गया रौनक ने उसे बहुत ढूंढा पर वह तारा कहीं नजर नहीं आया पुकारती पुकारती रौनक का गला भर आया और वह फूट-फूट कर रोने लगा उसका रोना सुनकर उसके माता-पिता पास आए और उसे समझाने लगी पूछा कि बेटा बात क्या है रौनक ने उस तारे के बारे में अपने माता पिता को बताया तो मां हंस के बोली बेटा सपना ...